JMM नगर अध्यक्ष मुन्ना खान का निधन, संगठन और जनमानस में शोक की लहर
चाईबासा: झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता और चक्रधरपुर नगर अध्यक्ष मुन्ना खान का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। वे कुछ समय से बीमार चल रहे थे और स्थानीय स्तर पर उनका इलाज जारी था। उनकी मृत्यु की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी के कार्यकर्ता, नेता और आम लोग गहरे दुख में हैं।मुन्ना खान का राजनीतिक सफर झामुमो की नींव से जुड़ा रहा। वे न केवल संगठनात्मक गतिविधियों में अग्रणी थे बल्कि आम लोगों से उनकी नजदीकी और संवाद शैली उन्हें एक जनप्रिय नेता बनाती थी।
यही कारण था कि उन्हें लगातार दूसरी बार नगर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।उनकी मृत्यु पर चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव ने गहरी संवेदना जताते हुए कहा, “मुन्ना खान पार्टी के लिए नहीं, समाज के लिए थे। उनका व्यक्तित्व मिलनसार, विचारशील और नेतृत्वकर्ता था। उनका जाना न केवल राजनीतिक बल्कि व्यक्तिगत क्षति है।”शनिवार सुबह से ही उनके आवास पर लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर स्थानीय नागरिकों तक हर कोई श्रद्धांजलि देने पहुंचा।
चक्रधरपुर के कई इलाकों में शोकसभाओं का आयोजन किया गया जहां लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए नम आंखों से विदाई दी।पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक मुन्ना खान का अंतिम संस्कार आज शाम चक्रधरपुर नगर कब्रिस्तान में किया जाएगा। झामुमो के कई वरिष्ठ नेता और हजारों समर्थकों की उपस्थिति में उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।मुन्ना खान का निधन एक ऐसे वक्त में हुआ है जब संगठन को उनके अनुभव और मार्गदर्शन की सबसे अधिक जरूरत थी। वे भले ही अब हमारे बीच न हों, लेकिन उनके विचार और सेवा की भावना संगठन और जनता के बीच लंबे समय तक जीवित रहेंगे।


