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झारखंड के इन शिक्षकों को मिलेगा नियमित वेतन, सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला…

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Jharkhand: झारखंड में समग्र शिक्षा अभियान के तहत विशेष बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों को अब नियमित वेतनमान मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित स्क्रीनिंग कमेटी ने झारखंड में कार्यरत विशेष शिक्षकों की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

राज्य में वर्तमान में 211 विशेष शिक्षक कार्यरत हैं जिनमें से सिर्फ 32 शिक्षक ही झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) पास हैं जबकि बाकी 179 शिक्षक यह परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार केवल योग्य और मान्यता प्राप्त शिक्षक ही वेतनमान के हकदार होंगे।

इस फैसले के बाद झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने उन शिक्षकों से 26 जुलाई तक साक्ष्य के साथ दावा और आपत्ति मांगी है जो J-TET पास नहीं हैं लेकिन कई वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने डब्ल्यूपी (सी) 132/2016 रजनीश कुमार पांडेय बनाम भारत सरकार मामले में निर्णय सुनाते हुए कहा कि आरटीई (निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम) के तहत आवश्यक योग्यता रखने वाले शिक्षकों को ही विशेष शिक्षक का वेतनमान दिया जाए।

साथ ही न्यायालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे विशेष बच्चों की संख्या के अनुसार शिक्षक नियुक्त करें और उनकी पात्रता की जांच के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन करें।

स्क्रीनिंग कमेटी न सिर्फ शिक्षकों की योग्यता की जांच करेगी बल्कि उनके पिछले अनुभव को भी ध्यान में रखेगी। इसके अलावा लंबे समय से कार्यरत योग्य शिक्षकों को आयुसीमा में छूट देने पर भी विचार किया जाएगा।

झारखंड में इस समय 45,598 विशेष बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। इन बच्चों को सामान्य स्कूलों में ही पढ़ाया जाना है और राज्य सरकार को उनके लिए समुचित शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी है।

यह फैसला विशेष शिक्षकों के लिए बड़ी राहत है जिससे अब उन्हें न केवल मान्यता मिलेगी बल्कि नियमित वेतन का लाभ भी मिलेगा।