छह महीने में झारखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 197 माओवादी गिरफ्तार, 17 ढेर, साइबर और नशा तस्करी पर भी कसता शिकंजा, देखें पूरी रिपोर्ट…

Jharkhand: झारखंड पुलिस ने वर्ष 2025 की पहली छमाही (जनवरी से जून) में माओवाद, साइबर अपराध, संगठित अपराध और नशा तस्करी जैसे गंभीर मामलों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अहम उपलब्धियां दर्ज की हैं। शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी अभियान डॉ. माइकल राज एस. ने छह महीने की इस रिपोर्ट को जारी किया। यह रिपोर्ट राज्य में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के मोर्चे पर पुलिस की गंभीरता और सक्रियता का संकेत देती है।
माओवादियों पर सख्त प्रहार:
•राज्य में माओवादी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी और निरंतर कार्रवाई जारी है।
•197 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया।
•17 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए।
•113 हथियार बरामद किए गए जिनमें 31 हथियार पुलिस बलों से लूटे गए थे।
पुलिस के अनुसार अब राज्य में 100 से कम माओवादी बचे हैं जो लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रियता कम करते जा रहे हैं।
इस सफलता के पीछे पुलिस की रणनीतिक छापेमारी, खुफिया सूचना और माओवादी संगठनों में टूट का बड़ा योगदान बताया गया।
साइबर अपराध पर सटीक वार:
•तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को रोकने में झारखंड पुलिस ने अहम कदम उठाए हैं।
•620 मामले दर्ज किए गए।
•767 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
•54.35 लाख रुपये नकद, 1664 सिम कार्ड, 1283 मोबाइल फोन, और 135 एटीएम कार्ड जब्त किए गए।
•15.90 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए।
•83.84 लाख रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए।
यह पहली बार है जब इतनी बड़ी राशि पीड़ितों को लौटाई गई है जिससे जनता का विश्वास पुलिस में और मजबूत हुआ है।
नशा तस्करी पर शिकंजा:
झारखंड को नशा मुक्त बनाने के अभियान में पुलिस को अहम कामयाबी मिली है। 389 केस दर्ज किए गए और 393 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने जब्त किए:
•553 किलो गांजा
•66 किलो अफीम
•2.49 किलो ब्राउन शुगर
•9950 किलो डोडा
बरामद नशीले पदार्थों की कुल कीमत लगभग 20.44 करोड़ रुपये आंकी गई है।
संगठित अपराध गिरोहों पर कार्रवाई:
•राज्य में सक्रिय संगठित अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार ऑपरेशन चला रही हैं।
•4 बड़े मामले दर्ज 12 संगठित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
इनमें शामिल थे:
•पांडेय गिरोह
•अमन साहू गिरोह
•सुजीत सिन्हा गिरोह
•अमन श्रीवास्तव गिरोह
आरोपियों के पास से 4 हथियार और 21 कारतूस जब्त किए गए।
अन्य उपलब्धियां और प्रशासनिक कदम:
•119 अपराधियों के खिलाफ CCA (गुंडा एक्ट) के तहत कार्रवाई हुई।
•108 मृत कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई।
•64 इंस्पेक्टर को डीएसपी और 9 एएसआई को दारोगा पद पर प्रमोशन मिला।
खेल और शारीरिक गतिविधियों में भी झारखंड पुलिस ने नाम रोशन किया 2 स्वर्ण, 5 रजत और 6 कांस्य पदक हासिल किए।
झारखंड पुलिस का यह छह महीने का रिपोर्ट कार्ड साफ तौर पर दर्शाता है कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस बल लगातार सतर्क और सक्रिय है। चाहे माओवादी गतिविधियां हों साइबर ठगी हो या ड्रग्स का जाल सभी मोर्चों पर पुलिस ने ठोस और परिणामकारी कार्यवाही की है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से झारखंड में कानून व्यवस्था की स्थिति और अधिक मजबूत होती दिख रही है।

