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सिर्फ रिटर्न देखकर न लें म्यूचुअल फंड, इन बातों पर भी दें ध्यान वरना हो सकता है नुकसान…

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Azad Reporter desk: आजकल म्यूचुअल फंड निवेश का एक बेहद लोकप्रिय जरिया बन चुका है। इसके अच्छे रिटर्न को देखकर लोग इसमें पैसे लगाना चाहते हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोग सिर्फ बीते सालों के रिटर्न को देखकर म्यूचुअल फंड में निवेश कर देते हैं जो कि एक बड़ी गलती हो सकती है। अगर आप भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने का सोच रहे हैं तो सिर्फ रिटर्न नहीं बल्कि कुछ और जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सिर्फ 1 या 2 साल का रिटर्न देखकर फैसला न लें। यह जरूरी है कि आप फंड के पिछले कई वर्षों के प्रदर्शन की तुलना करें। इससे यह पता चलता है कि फंड लगातार अच्छा रिटर्न दे रहा है या नहीं और उसमें कितनी स्थिरता है।

छिपे हुए चार्जिस को समझें:
म्यूचुअल फंड में कई तरह के चार्जिस होते हैं जैसे –
•एक्सपेंस रेश्यो (Expense Ratio)
•एग्जिट लोड (Exit Load)
•मैनेजमेंट फीस (Management Fees)

अक्सर निवेशक इन चार्जिस को नजरअंदाज कर देते हैं और बाद में उन्हें नुकसान होता है। खासतौर पर एग्जिट लोड तब लिया जाता है जब आप एक साल के अंदर फंड से पैसा निकालते हैं। इसलिए निवेश से पहले सभी चार्जिस को अच्छे से समझें।

अलग-अलग कैटेगरी के फंड की तुलना करना आपके लिए उलझन भरा हो सकता है। एक जैसी कैटेगरी के फंड की तुलना करना बेहतर रहेगा ताकि आपको सही विकल्प चुनने में आसानी हो।

हर फंड में एक अलग स्तर का जोखिम होता है। आप फंड का जोखिम जानने के लिए Sharpe Ratio, Standard Deviation और Beta जैसे मापदंडों का उपयोग कर सकते हैं। अपने रिस्क लेने की क्षमता के अनुसार ही फंड चुनें।

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय रिटर्न के साथ-साथ बाकी बातों का भी ध्यान रखना जरूरी है। गलत फैसले आपके पैसे को जोखिम में डाल सकते हैं। इसलिए किसी भी फंड में पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।