Chatra: सलैया में नदी पर पुल नहीं, जुगाड़ू टेक्नोलाजी से आवागमन करते हैं ग्रामीण और बच्चे…

Azad Reporter desk: चतरा के हंटरगंज प्रखंड के सलैया गांव के लोगों की जिंदगी हर बरसात में जोखिम भरी हो जाती है। गांव के पास बहने वाली दुमुहान नदी पर आज तक पुल नहीं बन पाया है। नतीजा यह है कि बारिश के दिनों में ग्रामीणों को जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सहारे जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से पुल निर्माण की मांग की लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। लोग बिजली के खंभों को जोड़कर बनाए गए अस्थायी रास्ते से नदी पार करते हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों को होती है।
गांव के पास ही दुमुहान नामक सरकारी विद्यालय है जहां सलैया और आसपास के बच्चे पढ़ने जाते हैं। लेकिन बरसात में नदी में बाढ़ आ जाती है जिससे स्कूल जाना जानलेवा बन जाता है। ऐसे में बच्चों को खंभों के सहारे नदी पार कर स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए चिंता का कारण बन जाता है।
आपात स्थिति में भी ग्रामीण इसी खतरनाक रास्ते से मरीजों को खाट पर लादकर नदी पार कराते हैं। गांव के अर्जुन यादव कहते हैं “हमने कई सालों से पुल की मांग की है लेकिन कोई सुनता ही नहीं। बरसात में बहुत कष्ट होता है।” वहीं संजय कुमार कहते हैं “हर चुनाव में नेता पुल बनाने का वादा करते हैं लेकिन जीतने के बाद सब भूल जाते हैं।”
सलैया गांव की हालत हर बरसात में टापू जैसी हो जाती है। ना वाहन चल सकते हैं ना कोई सुविधा पहुंच पाती है। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द पुल निर्माण की मांग की है ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस परेशानी का सामना न करना पड़े।


