1000224392

क्या अब शांत हो गया अनुराग गुप्ता के कार्यकाल विस्तार का विवाद? झारखंड हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें…

खबर को शेयर करें
1000224392

Jharkhand: झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता के कार्यकाल विस्तार को लेकर पिछले कई महीनों से चल रहा राजनीतिक विवाद अब धीरे-धीरे शांत होता नजर आ रहा है।

10 जुलाई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में अनुराग गुप्ता की मौजूदगी ने इस मुद्दे पर विराम लगाने का संकेत दिया है। पहले इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अब इस पर चुप्पी साध ली है। हालांकि झारखंड हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है और सभी की नजर अब कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है।

राज्य सरकार ने अनुराग गुप्ता को नई नियमावली के तहत दो साल के लिए डीजीपी के पद पर कार्यरत रखने का निर्णय लिया था। इसके तहत उन्हें प्रोविजनल वेतन पर्ची भी जारी की जा रही है। लेकिन केंद्र सरकार ने इसे अवैध बताते हुए कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और यूपीएससी की चयन प्रक्रिया का उल्लंघन है। केंद्र ने अनुराग गुप्ता को सेवानिवृत्त मान लिया था।

इस मुद्दे पर झारखंड की सत्तारूढ़ झामुमो सरकार और विपक्षी भाजपा के बीच तीखा टकराव हुआ। भाजपा ने इसे सरकार की मनमानी बताते हुए संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया।
विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने इस फैसले को झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी और जनहित याचिका दाखिल की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन है।

दूसरी ओर झामुमो और उसके सहयोगी दलों ने अनुराग गुप्ता के कार्यकाल विस्तार को पूरी तरह वैध बताते हुए कहा कि यह राज्य सरकार के कैबिनेट का निर्णय है और नई नियमावली के मुताबिक किया गया है।

फिलहाल मामला हाई कोर्ट में लंबित है और सभी पक्ष अब कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यह निर्णय तय करेगा कि अनुराग गुप्ता का कार्यकाल विस्तार वैध है या नहीं।

राजनीतिक बयानबाज़ी अब धीमी पड़ गई है लेकिन इस विवाद का असली समाधान झारखंड हाई कोर्ट के फैसले से ही सामने आएगा।