जमशेदपुर DC के नाम से फिर बनाई फर्जी आईडी, प्रशासन ने दी चेतावनी
जमशेदपुर: जमशेदपुर में एक बार फिर साइबर अपराधियों ने जिला उपायुक्त (DC) के नाम और तस्वीर का दुरुपयोग करते हुए फर्जी आईडी बनाकर ठगी की कोशिश की है। अज्ञात व्यक्ति ने उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के नाम से व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों को संदेश भेजे और पैसों की मांग की। मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है।प्रशासन का कहना है कि यह एक सुनियोजित साइबर ठगी का मामला है। इससे पहले भी उपायुक्त के नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर इसी तरह की धोखाधड़ी की कोशिशें हो चुकी हैं।
पुलिस ने अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद बने हुए हैं और वे बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को झांसे में लेने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इससे पहले जमशेदपुर के पूर्व डीसी अनन्य मित्तल के नाम से भी फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई गई थी।जिला प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी अधिकारी इस तरह से कभी भी व्यक्तिगत रूप से पैसों की मांग नहीं करते। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। प्रशासन ने जनता से आग्रह किया है कि इस तरह के किसी भी प्रयास की सूचना तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।अगर किसी को ऐसा कोई मैसेज या कॉल मिले तो प्रशासन ने कुछ अहम सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
किसी के कहने पर तुरंत पैसे ट्रांसफर न करे, ऐसे किसी संदेश या कॉल की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें, खुद भी सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।
प्रशासन ने दोहराया कि इस तरह की गतिविधियां साइबर अपराध के अंतर्गत आती हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सतर्कता बरतें और किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूक रहें।


