नेतरहाट आवासीय विद्यालय की गिरती शिक्षा व्यवस्था पर चिंता, शिक्षा मंत्री ने दिए जांच के आदेश…

Jharkhand: देश के सबसे प्रतिष्ठित स्कूलों में गिने जाने वाले नेतरहाट आवासीय विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। कभी इस स्कूल के छात्र 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप किया करते थे लेकिन अब परीक्षा परिणाम लगातार खराब हो रहे हैं। हाल ही में घोषित बोर्ड परीक्षा में विद्यालय के 5 छात्र फेल हो गए जिनमें 10वीं का एक और 12वीं के चार छात्र शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार जब से विद्यालय में CBSE पाठ्यक्रम लागू किया गया है तभी से रिजल्ट में गिरावट देखी जा रही है। यही कारण है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और 5 सदस्यीय जांच कमेटी के गठन का आदेश दिया है। यह कमेटी विद्यालय की शिक्षा गुणवत्ता और व्यवस्था की पूरी समीक्षा करेगी और शिक्षा मंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी।
शुक्रवार को विद्यालय समिति की बैठक के बाद मंत्री ने कहा “जहां एक समय 100 सीटों पर 30 से 35 हजार आवेदन आते थे अब सिर्फ 1000 से 1200 आवेदन ही आ रहे हैं। और अब टॉपर्स की सूची में इस स्कूल का नाम तक नहीं होता।”
विद्यालय में कुल 43 शिक्षक पद स्वीकृत हैं लेकिन वर्तमान में केवल 18 शिक्षक ही कार्यरत हैं। यही वजह है कि पढ़ाई का स्तर गिरता जा रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए तय किया गया है कि जब तक नई बहाली नहीं होती तब तक पूर्व छात्र और शिक्षाविद् स्वैच्छिक रूप से पढ़ाई में मदद करेंगे। इसके लिए इच्छुक लोगों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे।
नेतरहाट विद्यालय जिसे कभी “अफसरों का स्कूल” कहा जाता था एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान पाने की कोशिश में जुटा है। सरकार ने साफ किया है कि गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षक बहाली नियमों में बदलाव और परीक्षा प्रणाली को दुरुस्त किया जाएगा, ताकि नेतरहाट फिर से अपने सुनहरे दौर में लौट सके।

