झारखंड हाईकोर्ट का सख्त रुख, जल संसाधन विभाग को चार हफ्ते में आदेश पालन का निर्देश…

Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग को कड़ी फटकार लगाते हुए चार सप्ताह के भीतर अदालत के आदेश का पालन करने को कहा है। यह मामला एक कर्मचारी को उनके काम के अनुसार उचित वेतन न देने से जुड़ा है।
तेनुघाट जल संसाधन विभाग में कार्यरत लखन प्रसाद यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी नियुक्ति चतुर्थ वर्गीय पद पर हुई लेकिन पिछले 20 वर्षों से उनसे तृतीय वर्ग का कार्य लिया जा रहा है। इसके बावजूद उन्हें वेतन चतुर्थ वर्ग का ही दिया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने पहले ही राज्य सरकार को तृतीय वर्ग के अनुसार वेतन देने का आदेश दिया था जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया। लेकिन इसके बाद भी आदेश का पालन नहीं होने पर लखन ने अवमानना याचिका दायर की।
मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में हुई जिसमें जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव प्रशांत कुमार, मुख्य अभियंता मो. जमील अख्तर, अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार और कार्यपालक अभियंता रंजीत कुजूर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए।
सरकार ने अदालत को बताया कि प्रार्थी को वेतन दे दिया गया है लेकिन प्रार्थी ने विरोध करते हुए कहा कि गलत गणना कर अदालत को गुमराह किया जा रहा है।
कोर्ट ने विभाग की इस लापरवाही पर नाराजगी जताई और स्पष्ट रूप से आदेश दिया कि चार सप्ताह के अंदर हाईकोर्ट के निर्देश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।


