Tips: H-1B Visa Scam Alert! भारतीयों के साथ ‘H-1B वीजा’ का झांसा? टेक कंपनी के नाम पर बैंक और टेलीकॉम में हो रही ताबड़तोड़ हायरिंग…

Azad Reporter desk: अगर आप भी सोचते हैं कि H-1B वीजा सिर्फ अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी के लिए दिया जाता है तो ज़रा ठहरिए! क्योंकि जो सच सामने आया है वो चौंकाने वाला है। भारतीयों को सपनों का झांसा देकर टेक सेक्टर की आड़ में अब बैंक और टेलीकॉम कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B वीजा पर हायरिंग कर रही हैं वो भी आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिए।
अमेरिका में नौकरी करने का सपना देखने वालों के लिए H-1B वीजा सबसे अहम होता है। खासकर भारतीयों के बीच इसकी जबरदस्त मांग रहती है क्योंकि हर साल जारी होने वाले कुल 85,000 वीजा में से आधे से ज्यादा भारतीयों को ही मिलते हैं।
2020 से 2024 के बीच CitiGroup, AT&T और Capital One जैसी कंपनियों ने स्टाफिंग और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिए हजारों विदेशी वर्कर्स को नौकरी दी है। जबकि H-1B वीजा प्रोग्राम शुरू ही इसलिए किया गया था कि अमेरिका की टेक कंपनियां खास स्किल वाले ग्लोबल टैलेंट को नौकरी दे सकें।
भारतीयों के लिए अलर्ट!
•टेक कंपनी का नाम सुनकर आंख मूंदकर वीजा ऑफर पर भरोसा न करें।
•सही जानकारी के लिए हेल्पलाइन या वीजा एक्सपर्ट से कन्फर्म करें।
•फर्जी वीजा कंसल्टेंट्स और झूठे वादों से रहें सावधान।
•हमेशा ऑफर लेटर, वर्क प्रोफाइल और कंपनी डिटेल्स की जांच करें।
•वीजा पाना मुश्किल है पर अगर सही रास्ते पर चलें तो मुमकिन है।
अमेरिका में H-1B वीजा को लेकर जो खुलासे अब हुए हैं वे वीजा सिस्टम की पारदर्शिता और उद्देश्य दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। अगर समय रहते इस पर सख्त निगरानी नहीं रखी गई तो इसका सीधा नुकसान उन योग्य उम्मीदवारों को हो सकता है जो वाकई इस वीजा के हकदार हैं।

