झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल है बेहाल, अस्पताल दर अस्पताल भटकती रही गर्भवती महिला, मौत…

Jharkhand: झारखंड में एक बार फिर से खराब स्वास्थ्य व्यवस्था ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पश्चिमी सिंहभूम के छोटा रायकामन गांव की रहने वाली मंजू हेम्ब्रम नाम की एक गर्भवती महिला को इलाज के अभाव में अपनी जान गंवानी पड़ी। मंजू सात महीने की गर्भवती थीं और अचानक रात में पेट दर्द शुरू हुआ। पति दानार्दन हेम्ब्रम ने जब तक कुछ समझा तब तक मंजू ने घर पर ही बच्चे को जन्म दे दिया लेकिन बच्चा मृत था और उसका सिर अंदर फंसा हुआ था।
सुबह होते ही मंजू को लेकर पति गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बताया कि ब्लड प्रेशर बहुत कम है और हालत गंभीर है। इलाज की जगह डॉक्टरों ने उसे चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से MGM अस्पताल भेजा गया और फिर वहां से रांची के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स रेफर कर दिया गया।
पति अपनी पत्नी को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल दौड़ता रहा। मंजू को सही समय पर इलाज नहीं मिल पाया। आखिरकार जब वे रांची के रिम्स पहुंचे तब तक काफी देर हो चुकी थी। करीब 40 घंटे इलाज चलने के बाद सोमवार की सुबह मंजू की मौत हो गई।
सबसे दुखद बात यह है कि यह पहली बार नहीं था जब इस परिवार ने ऐसा दर्द सहा हो। मंजू पहले भी दो बच्चों को जन्म दे चुकी थीं जिनमें एक की मौत घर पर ही हो गई थी और दूसरा बच्चा अस्पताल में जन्म लेने के कुछ समय बाद चल बसा था। इस बार तो मंजू की ही मौत हो गई। अब इस टूटे हुए परिवार में बस मंजू की चार साल की बेटी और उसका बेसहारा पति बचे है।
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को खुद इलाज की जरूरत है।

