टाटा स्टील हादसा!!मौत के बाद भी नहीं मिली इज्जत? शव दूसरे दिन भी नहीं उठाया गया, मुआवजे की मांग पर चुप्पी साधे बैठा है प्रबंधन…

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Jamshedpur news: टाटा स्टील प्लांट में हुए हादसे में मारे गए बिहार सासाराम निवासी 34 वर्षीय कर्मचारी सुनील कुमार सिंह के शव को घटना के दूसरे दिन भी नहीं उठाया गया है। रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि लगभग 1:30 बजे वे लोको वैगन की चपेट में आ गए थे जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। शव फिलहाल टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) के शीतगृह में रखा गया है।

मृतक के परिजन और कांग्रेस पार्टी के पूर्वी सिंहभूम जिला कार्यकारी अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनकर ने शव उठाने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों की मांग है कि जब तक कंपनी की ओर से सम्मानजनक मुआवजा नहीं दिया जाता तब तक शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया जाएगा।

परिजनों ने कंपनी प्रबंधन के सामने साफ शर्त रखी है एकमुश्त कम से कम 20 लाख रुपये मुआवजा और हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता अगले 10 वर्षों तक दी जाए।

इस दौरान टाटा स्टील के एचआर विभाग और ठेका कंपनी राइट्स इंडिया के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अब तय किया गया है कि बुधवार को कंपनी प्रबंधन से अंतिम बातचीत के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। उसी के बाद शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपा जाएगा।

परिजनों ने गुस्से में कहा कि जब हादसा कंपनी परिसर में हुआ है तो कंपनी को ही अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए क्योंकि अब तक वह कोई जवाबदेही नहीं निभा रही है।

इस स्थिति से टाटा स्टील का प्रबंधन सकते में है और पूरे घटनाक्रम पर निगरानी बनाए हुए है। स्थानीय लोग और श्रमिक संगठनों के बीच भी घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।