‘समय पर जांच नहीं की तो मौका गंवा दिया’ : वोटर लिस्ट पर उठे सवालों पर EC का सख्त जवाब…

Azad Reporter desk: चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने राजनीतिक दलों को फटकार लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची की जांच और आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया जाता है लेकिन कुछ दलों और उनके बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA) ने समय रहते यह जिम्मेदारी नहीं निभाई।
आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों को हर चरण में शामिल किया जाता है। ड्राफ्ट कॉपी भी उन्हें दी जाती है और दावे-आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय मिलता है। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची सभी मान्यता प्राप्त दलों को उपलब्ध कराई जाती है साथ ही दो-स्तरीय अपील प्रक्रिया भी मौजूद रहती है।
बिहार में मतदाता सूची के सघन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर उठे सवालों पर आयोग ने कहा कि सभी दलों को पहले ही सूचना दे दी गई थी। 20 जुलाई 2025 से राजनीतिक दलों को उन नामों की सूची उपलब्ध कराई गई थी जिन्हें मृतक होने स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित होने या एक ही जानकारी कई बार दर्ज होने के कारण हटाया जाना था।
आयोग ने दोहराया कि वह हमेशा दलों और मतदाताओं की ओर से सही सुझाव और जांच का स्वागत करता है। उद्देश्य यही है कि मतदाता सूची पूरी तरह साफ-सुथरी हो और लोकतंत्र और अधिक मजबूत बने।


